शनिवार, 13 जून 2020

क्लासियस-मसोटी समीकरण


क्लाॅसियस-मसोटी समीकरण:-
क्लाॅसियस (1850) एवं मसोटी ने मोलर ध्रुवण तथा माध्यम के परावैद्युतांक के बीच एक संबंध स्थापित किया। मात्र दो आवेशित प्लेटों के बीच एक समान विद्युत क्षेत्र की सामर्थ्य Eo है तथा किसी अध्रुवीय माध्यम में क्षेत्र की सामर्थ E हो जाती है, क्योंकि अणुओं में प्रेरित द्विध्रुव, प्रयुक्त विद्युत क्षेत्र के विपरीत कार्य करता है। अतः 

     Eo/E = D   (परावैद्युत स्थिरांक)  ......(1)

जहां D माध्यम का परावैद्युतांक है। विद्युत सांख्यिकी के आधार पर,

         Eo = E + 4πI

         DE-E=4πI                       .......(2)

         (D-1)E=4πI                     .......(3)

जहां I इकाई आयतन में प्रेरित विद्युत आघूर्ण है। विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (F) जो कि प्रत्येक अणु पर कार्यरत है को इस आधार पर ज्ञात किया जा सकता है कि यह कई पदों, जैसे- प्लेटों पर आवेश का क्षेत्र Eo, बल-4πI जो कि प्लेट के संपर्क में परावैद्युत सतह पर प्रेरित बल तथा वृत्ताकार गुहा पर परिणामी प्रेरित बल +4πI/3 का योग है। अतः

    F=Eo+4πI/3 -4πI           ........(4)

समीकरण (3) की सहायता से,

    F=E+4πI/3 = (D+2/3)E ........(5)

I=mn तथा (1) व (3) की सहायता से,

    D-1/D-2 = 4πna           ........(6)

यदि आवेशित प्लेटों के मध्य माध्यम का घनत्व 'P' तथा अणुभार 'M' हो, तो इकाई आयतन में अणुओं की संख्या

         n=Np/M     (N=ऐवोगेड्रो संख्या)
                               (p=रो)
इसे समीकरण (6) में प्रतिस्थापित करने पर,

      D-1/D+2 .M/p = 4πNa.     ......(7)

इस समीकरण में बाएं भाग को मोलर ध्रुवण 'P' से व्यक्त किया जाता है।
अर्थात्

          P={D-1/D+2}M/p.         ......(8)


इस समीकरण को क्लाॅसियस मसोटी समीकरण कहा जाता है तथा P को प्रेरित या विरूपित ध्रुवण भी कहा जाता है।
 यहां यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्लाॅसियस मसोटी समीकरण में D एक संख्या है। अतः मोलर ध्रुवण वास्तव में M/p या मोलर आयतन है व इसका मान ताप से स्वतंत्र होना चाहिए। अतः यह पदार्थ के अध्रुवीय होने पर जब उसमें स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है, सन् 1881 में मैक्सवेल ने परावैद्युतांक तथा लंबे तरंगदैर्ध्य के प्रभाव हेतु अपवर्तनांक के बीच संबंध स्थापित किया कि--
                  D=n square
 अतः समीकरण (8) को निम्न रूप से भी लिखा जा सकता है----
P=n square-1/n square+2 . M/p=4πNa/3

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https://youtu.be/rau_wlEyYYY

By Manjit sahu

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