द्विध्रुव आघूर्ण की इकाई:-
द्विध्रुव आघूर्ण का मान प्राप्त करने के लिए आवेश को e.s.u. में (स्थिर द्विध्रुव इकाई) में तथा दूरी को cm में व्यक्त करते हैं।
द्विध्रुव आघूर्ण
=(4.8×10power of -10 e.s.u.)×(10power of -8 cm)
=4.8×10power of -18 e.s.u.cm
=4.8डिबाई(1 डिबाई=10power of -18 e.s.u.)=4.8D
जहां D डिबाई इकाई है। 10power of -18 e.s.u. cm को एक डिबाई यूनिट माना जाता है।
द्विध्रुव आघूर्ण का निर्धारण (determination of dipole moment):-
वाष्प ताप विधि(vapour temperature method):-
द्विध्रुव आघूर्ण ज्ञात करने के लिए विभिन्न तापों पर पदार्थ का परावैद्युत अंक D तथा घनत्व p(रो) ज्ञात करना लेते हैं। D,M और p(रो) के मान रखकर प्रत्येक ताप पर Pt का मान ज्ञात कर लेते हैं। अब P तथा 1/T के बीच एक ग्राफ खींचते हैं। सरल रेखा के ढाल का मान B के बराबर होता है। B की गणना निम्न प्रकार से करते हैं--
माना CH3CL के लिए प्राप्त सरल रेखा पर दो बिंदु x1 व x2 लिए जिनके नियतांक क्रमशः (P1,1/T1) व (P2,1/T2) हैं।
तब x1 के लिए P1=A+B/T1 व P2=A+B/T2
.°. P1-P2=B(1/T-1/T2)
.•. B=(P1-P2)/(1/T1-1/T2)
अब
समीकरण में B का मान रखकर द्विध्रुव आघूर्ण का मान प्राप्त कर लेते हैं।
इस लिंक पर जाए 👇👇👇
https://youtu.be/e2KJHkW_RQA
By Manjit sahu



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