गुरुवार, 28 मई 2020

SP2 संकरण

SP2 संकरण:-
एथिलीन के अणु में कार्बन परमाणु sp2 संकरित अवस्था में रहता है। एक 2s- आर्बिटल तथा दो 2p- आर्बिटल आपस में मिलकर समान ऊर्जा के तीन sp2 संकरित आर्बिटल बनाते हैं। ये तीन sp2 संकरित आर्बिटल एक ही तल में एक दूसरे से 120° कोण पर स्थित होते हैं, अतः इसे त्रिकोणीय संकरण भी कहते हैं।

एथिलीन अणु का बनना
कार्बन सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास--

उत्तेजित अवस्था में कार्बन का एक 2s कक्षक तथा दो 2s कक्षक तथा दो 2p कक्षक (2px व 2py) आपस में अतिव्यापन करके तीन समतुल्य sp2 संकर कक्षक बनाते हैं।
Sp2संकरित कार्बन का विन्यास--

C2H4 के प्रत्येक कार्बन परमाणु में एक एक sp2 संकरित कक्षक परस्पर sp2-sp2 अतिव्यापन करके सिग्मा बंध बनाते हैं। शेष बचे दो-दो sp2 संकरित कक्षक अलग-अलग H परमाणु के कक्षकों sp2-s अतिव्यापन करके सिग्मा बंध बनाते हैं। अब दोनों कार्बन परमाणु के असंकरित 2pz कक्षक परस्पर पार्श्वीय

 अतिव्यापन द्वारा पाई बंध बनाते हैं। अतः कार्बन कार्बन के बीच द्विबन्ध(एक सिग्मा तथा एक पाई बंध) बन जाता है।




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https://youtu.be/hCN4b6Wg-q0

By Manjit Sahu

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