बुधवार, 20 मई 2020

संकरण क्या है? SP3


संकरण:- जब किसी परमाणु के लगभग समान ऊर्जा के विभिन्न कक्षक परस्पर मिलकर अपनी ऊर्जाओं का पुनर्वितरण करके समान ऊर्जा एवं आकृति के उतने ही नए कक्षक बनाते हैं, तो ऊर्जा के पुनर्वितरण की इस घटना को संकरण कहते हैंं तथा नए कक्षक संकरित कक्षक कहलाते हैं।
संकरण के लिए आवश्यक शर्तें:-
1.संकरित होने वाले कक्षक एक ही परमाणु या आयन में होने चाहिए।
2 .संकरित होने वाले कक्षकों की ऊर्जा लगभग समान होनी चाहिए।
3.संकरित कक्षक केवल सिग्मा बंध बनाते हैं।
4.संकरण का प्रकार संकरित होने वाले कक्षकों की संख्या पर निर्भर करता है।
5.अर्धपूरित एवं पूर्ण पूरित दोनों तरह के कक्षक संकरण में भाग ले सकते हैं।
6.संकरित कक्षक अधिक दिशात्मक होते हैं।
SP3(CH4 में संकरण):-
कार्बन का सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

कार्बन का उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास


संरचना का निर्माण





लिंक पर जाएं 👇👇👇

By Manjit

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें